राजा भोज और जादूगर कालधरअध्याय 2: जादूगर का आगमन
उपन्यास: राजा भोज और जादूगर कालधर अध्याय 2: जादूगर का आगमन स्थान: धार नगरी के राजमहल का प्रमुख प्रवेश द्वार दृश्य: राजा भोज का राजमहल शानदार और भव्य है। दरबार के विभिन्न दरवाजे सजाए गए हैं और महल के बगीचों में रंग-बिरंगे फूल खिले हुए हैं। दरबारियों और सेवकों में हलचल है, क्योंकि जादूगर कालधर के आगमन की तैयारी चल रही है। (राजमहल के प्रवेश द्वार पर, दरबारी और सेवक स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। राजा भोज, उनके प्रधान सलाहकार कृष्णपाल, और दरबार के अन्य अधिकारी भी उपस्थित हैं। दरबारियों के बीच हलचल और उत्सुकता देखी जा सकती है।) प्रधान सलाहकार (कृष्णपाल): (राजा भोज से) "महाराज, हम जादूगर कालधर के आगमन की अंतिम तैयारियों को पूरा कर चुके हैं। सब कुछ व्यवस्थित और सुसज्जित है।" राजा भोज: (संतोष से) "अच्छा। कालधर एक महान जादूगर है, और हमें उसकी उपस्थिति का पूरा सम्मान देना चाहिए। कृपया सुनिश्चित करें कि सब कुछ ठीक से हो।" (तभी, दरबार के बाहर से एक सुंदर ध्वनि सुनाई देती है। एक सुसज्जित रथ आता है, जिसमें जादूगर कालधर की उपस्थिति का संकेत मिलता है। रथ पर चमकदार वस्त्र और आभूषण स...