जमाली-कमाली मस्जिद दिल्ली
जमाली-कमाली मस्जिद जमाली कमाली मस्जिद और मकबरा दिल्ली आने वाले पर्यटकों को उसे देखने का रुझान भले ही कम हो, लेकिन इसकी कहानी जानने के लिए लोग हमेशा उत्साहित रहते हैं। जमाली-कमाली मस्जिद व मकबरा महरौली में पुरातत्व ग्राम परिसर में कुतुब मीनार के पास स्थित है। इसमें एक-दूसरे से सटे दो स्मारक शामिल हैं। एक मस्जिद है और दूसरी जमाली और कमाली की कन्न है। उनके नाम एक साथ जमाली कमाली के रूप में टैग किए गए हैं। मस्जिद के साथ साथ कब्र है। इतिहासकारों के मुताबिक चिश्तीयां सिलसिले के महान सूफीसंत ख्वाजा गरीब नवाज के खलीफा खास कुतुबशाह के बाइस ख्वाजा में शुमार हजरत मखदूम समाउद्दीन सहरवर्दी देहलवी के खास मुरीद और खलीफा हजरत मौलाना शेख जमाली अपने समय के महान सूफी और लोधी सम्राट के दरबारी कवि थे। अपनी प्रतिभा के दम पर लोदी और मुगल दोनों राजवंश के दरबारी कवि ग्ने रहे। मौलाना जमाली बहलोल लोधी, सिंकदर लोधी, इब्राहिम लोधी से लेकर बाबर और हुमायूं तक सभी बादशाहों के दरबारी कवि रहे। शेख जमाली अल्लाह के वली है। वे इसी मस्जिद में रहकर इबादत किया करते। मृत्यु के बाद उन्हें इसी मस्जिद के अहाते में दफ...