27. यह दिल्ली है मेरी जान || कहानी 27 || लेनदार

27. यह दिल्ली है मेरी जान || कहानी 27 || लेनदार 
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (नवोदय टाइम्स) लापता दो मासूम बच्चों को बुराड़ी पुलिस ने बरामद कर लिया है। जांच में पता चला कि दूसरी शादी करने के लिए महिला ने अपने दो छोटे छोटे बच्चों को लावारिस सिविल लाइंस स्थित बस स्टैंड पर छोड़ दिया था। साथ ही महिला की काउंसलिंग भी कराई जा रही है। उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह

दोनों बच्चों को एक एनजीओ के गेट पर छोड़कर चली आई घर

कलसी ने बताया कि बुराड़ी पुलिस को 20 अप्रैल को संत नगर स्थित एक घर से बदबू आने की सूचना मिली थी। पड़ोसियों ने बताया था कि इस घर में महिला अपने दो बच्चों के साथ रहती है। लेकिन दोनों बच्चे कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं और आशंका है कि बच्चों के साथ कुछ गलत हुआ है। एसएचओ राजेंद्र प्रसाद, इंस्पेक्टर जसपाल एवं अन्य राजेंद्र प्रसाद, इंस्पेक्टर जसपाल एवं अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। फ्लैट में महिला मिली। कमरे की हालत ऐसी थी कि लग रहा था कि काफी समय से सफाई नहीं हुई है। घर से बदबू आ रही थी। किसी तरह घर की जांच की गई तो कोई शव नहीं मिला।

जैसे जैसे इनपुट मिलते गए, कई थानों की फोर्स पहले श्मशान, कब्रिस्तान, यमुना घाटों, घर के शाफ्ट से आ रही बदबू के बीच खोजती रही। अंत में मालूम चला कि महिला ने ही अपने दोनों बच्चों को कश्मीरी गेट एरिया में 'पालना' एनजीओ के बाहर छोड़ दिया था। महिला ने जो कहानी पुलिस को बताई उसके अनुसार, पति ने दो साल पहले छोड़ दिया था। वह एक युवक के साथ अपनी जिंदगी बसर करना चाहती थी। मगर बच्चे इस रिश्ते में बाधा बने हुए थे।

तीन दिन की एक्सरसाइज के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों बच्चे सीताराम बाजार में एक दंपति के पास सुरक्षित हैं। पुलिस ने किडनैपिंग का भी केस दर्ज कर लिया। बच्चों की मां को 18 अप्रैल की रात के समय बुराड़ी में देखा गया था। इसकी फुटेज भी पुलिस को मिल गई। महिला ने फिर पूछताछ में बताया कि वह दोनों बच्चों को पालना के पास छोड़ गई थी। क्योंकि पालना का गेट बंद होने की वजह से वह अंदर नहीं जा सकी थी। पुलिस का कहना है बच्चों की मां डिप्रेशन का शिकार है। उसकी काउंसलिंग करवाकर पूछताछ जारी है।

पड़ोसियों ने जताई थी अनहोनी की आशंका

बुराड़ी इलाके से पीसीआर कॉल मिली कि महिला के दो बच्चे दो दिन से लापता हैं। घर से बदबू उठ रही है। पड़ोसियों ने अनहोनी की आशंका जताई। पुलिस तुरंत एक अपार्टमेंट में दूसरी मंजिल पर पहुंच गई। घर के बेड से लेकर अलमारी व चप्पे चप्पे को सर्च किया गया। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। घर की हालत ऐसी थी कि मानों वहां लंबे समय से साफ सफाई नहीं हुई हो। मां से पूछताछ की गई, वह गुस्से में बोली उसने बच्चों को नहीं मारा है। वह उन्हें दो दिन पहले कश्मीरी गेट पालना में छोड़ आई है। महिला की बात पर यकीन नहीं हुआ। पुलिस ने वहां शाफ्ट से आ रही बदबू वाली जगह को चेक किया। कुछ नहीं मिला। महिला ने बताया कि दो साल पहले उसके पति ने छोड़ दिया था। उसका एक साढ़े चार साल का बेटा और ढाई साल की बेटी है। वह एक युवक के साथ रिश्ते में थी। बच्चों की वजह से युवक उससे शादी नहीं कर रहा था। पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। यमुना के घाटों, नाला, कब्रिस्तान से लेकर हर संभावित जगह को चेक किया। तीन दिन की एक्सरसाइज के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों बच्चे सीताराम बाजार में एक दंपति के पास सुरक्षित हैं।





Comments

Popular posts from this blog

5.201. || पहली कहानी || राजा सहस्त्रनीक, रानी मृगावती के विवाह व उदयन के जन्म की कथा

5.101. || प्रथम कहानी || शिव और पार्वती का संवाद और पार्वती के जन्म की कथा